ऐसा करके वे माता से शांति की प्रार्थना कर सकते हैं.
फूल, कपूर, अगरबत्ती, ज्योत के साथ पंचोपचार पूजा करें।
इस तरह नवरात्रि के पूरे दिनों में मां की आराधना करें।
यह समय साधक को आध्यात्मिक शक्ति और आत्मविश्वास प्रदान करता है।
काली : ऊँ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं दक्षिण कालिके क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं स्वाहा:।
विश्वविद्यालय फर्जी मार्कशीट बांट रहा था.
गुप्त नवरात्रि अंतिम दिन दुर्गा पूजा के बाद घट विसर्जन करें।
नौ दिनों तक सात्विक भोजन करें और विचारों को पवित्र रखें।
In line with Eliminating Black Magic, with this sadhana, the seeker can defend himself and his relatives from evil eyes, tantric hurdles, misfortune, and enemy defects. The sadhana of such 9 days purifies the soul, cuts off previous sins and karmic bonds, and sales opportunities the individual to new auspicious possibilities in everyday life.
कलश स्थापना कब होगी, भगवती की विदाई किस दिन है? जानते हैं एक्सपर्ट से.
चार वीर भैरों चौरासी, चार बत्ती पूजूं पान ए मिठाई,
देवी पूजन की सभी सामग्री को एकत्रित करें। पूजा की थाल सजाएं।
मां की आरती गाएं, उन्हें फूल, अक्षत चढ़ाएं और बेदी से कलश को उठाएं।
पूजा आरंभ करें: दीपक जलाकर देवी का आवाहन करें।
फिर check here कलश को लाल कपड़े से लपेटें और कलावा के माध्यम से उसे बांधें।